जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के टीम ने बचाई नन्हीं जान – 9 बच्चों को सुरक्षित किया

Mayank Kumar Sinha
4 Min Read
9 child laborers rescued from exploitation Karmabhoomi 12407

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र समस्तीपुर की टीम एवं रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट समस्तीपुर की टीम ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता को हासिल की है। बतादे कि मंगलवार को टीम ने ट्रेन संख्या 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस से नौ नाबालिग बच्चों को सफलतापूर्वक बचाया, जिससे उन्हें बाल श्रम के जाल में फंसने से रोका जा सका।

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के टीम को एक खुफिया सूचना मिलने के बाद RPF के साथ मिलकर कारबाई की गई। सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ पुलिस टीम और जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम तुरंत समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर पहुंची और ट्रेन की गहन जांच शुरू की।

तलाशी के दौरान, इंजन से सटे सामान्य कोच संख्या 3 और 8 में बच्चे गुमसुम और डरे हुए बैठे पाए गए। पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर, बच्चों ने खुलासा किया कि वे सभी काम की तलाश में हरियाणा जा रहे थे। बच्चों की बातें सुनकर टीम के होश उड़ गए, क्योंकि ये बच्चे अपने भविष्य की चिंता में घर से भागकर अनजान शहरों में जा रहे थे, जहां उन्हें बाल श्रम और शोषण का खतरा था।तत्काल कार्रवाई करते हुए, सभी नौ बच्चों को ट्रेन से नीचे उतारा गया।

इसके बाद, रेलवे स्टेशन पर उनके नाम और पते का सत्यापन किया गया। पूरी बचाव प्रक्रिया स्टेशन के उपाधीक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कुमार और रवि कुमार मिश्रा की उपस्थिति में पूरी की गई।

बचाव प्रक्रिया और पुनर्वास

बचाए गए बच्चों की उम्र 12 से 16 वर्ष के बीच थी। वे सभी बिहार के अलग-अलग जिलों से थे और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति से परेशान होकर काम की तलाश में घर से भाग गए थे। आरपीएफ टीम ने बच्चों को समझाया और उन्हें आश्वस्त किया कि वे सुरक्षित हैं।इसके बाद, आवश्यक बाल संरक्षण प्रक्रियाओं और कानूनी औपचारिकताओं के तहत, सभी बच्चों को आधिकारिक तौर पर आगे की देखभाल, पुनर्वास और सुरक्षा के लिए जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र को सौंप दिया गया।

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र समस्तीपुर की भूमिका

इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र (JJBVK) समस्तीपुर के गैरसरकारी संगठन और आरपीएफ बच्चों को शोषण से बचाने और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए मिलकर प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं। एएसआई बिजेंद्र सिंह ने बताया, “हमारा उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा बाल श्रम या यातायात के दौरान खतरे में न पड़े। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ इसी दिशा में एक कदम है।”

सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कुमार ने कहा, “यह बहुत खुशी की बात है कि समय रहते इन बच्चों को बचाया जा सका। अब इनका भविष्य सुरक्षित हाथों में है, और हम इन्हें शिक्षा और विकास के अवसर प्रदान करेंगे।”

निष्कर्ष

इस सफल ऑपरेशन ने न केवल बच्चों को एक खतरनाक स्थिति से बचाया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि बाल श्रम और बच्चों की सुरक्षा के प्रति हम सभी को जागरूक और सक्रिय होना चाहिए। आरपीएफ और जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की यह संयुक्त पहल निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगी। समस्तीपुर की ऐसी ही खबरें के लिए बने रहे ।

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मैं एक स्नातक छात्र हूं और ऑटोमोबाइल व टेक्नोलॉजी कैटेगरी में कंटेंट राइटर के रूप में काम करता हूं। मुझे नई कारों, बाइकों और आधुनिक तकनीकों के बारे में लिखना बेहद पसंद है। मेरा लक्ष्य है कि मैं अपने लेखों के माध्यम से पाठकों को सरल, रोचक और भरोसेमंद जानकारी प्रदान कर सकूं, ताकि वे ऑटो और टेक्नोलॉजी की दुनिया से हमेशा अपडेट रहें।
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