समस्तीपुर के सरायरंजन प्रखंड प्रमुख वीणा कुमारी ने हरी झंडी दिखा कर बाल विवाह मुक्ति रथ को रवाना किया .

Mayank Kumar Sinha
4 Min Read

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, समस्तीपुर, एक्सेस टू जस्टिस और क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू के संयुक्त तत्वाधान में उत्कार्मिक मध्य विद्यालय नरघोघी में सरायरंजन प्रखंड प्रमुख सुश्री वीणा कुमारी के द्वारा बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखा कर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया मोके पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षक मनोज कुमार साह एवं पंकज कुमार झा सहित कई अन्य शिक्षक गन मौजूद रहे । प्रखंड प्रमुख सुश्री वीणा कुमारी ने बताया की बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है इस कुरीति को हम सभी को मिलकर मिटाना है , उन्होंने बताया की समुदाय में लोगो को बाल विवाह के कुपरिणामों कि जानकारी का अभाव है । जिस कारण आज भी हमारे समाज में बाल विवाह किया जा रहा है , बाल विवाह के कारण बच्ची पढाई से भी वंचित हो जाती है , जिससे उनका सर्वांगीण विकास नही हो पता है ।

आज जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के द्वारा बाल विवाह मुक्ति रथ जो हमारे गाँव – मोहल्ले में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है जिससे सभी को बाल विवाह के कुपरिणाम की जानकारी भी होगी , वहीं उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षक श्री मनोज कुमार साह एवं श्री पंकज कुमार झा ने बताया कि दलित समाज के बीच इसे बिशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए क्योंकि उसी समुदाय में बाल विवाह की संख्या काफ़ी अधिक मात्रा में होती है।

बाल विवाह की रोकथाम एवं समाज में इसके प्रति कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संचालित 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बाल विवाह मुक्ति रथ का शुरूआत किया गया। बतादें की 100 देशो में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है । जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र से बलराम चौरसिया, दिनेश प्रसाद चौरसिया, रविन्द्र पासवान, वीणा कुमारी, ललिता कुमारी,, किरण कुमारी, वीभा कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता मयंक कुमार सिन्हा आदि उपस्थित रहे। इस अबसर पर भारी संख्या में छात्र और छात्राएं, शिक्षक शिक्षिकाओं के अलावा वहां पर उपस्थित सभी लोगो ने शपथ लिया ।

जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के रविन्द्र कुमार चौरसिया ने बताया –

जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के रविन्द्र कुमार चौरसिया जी ने बताया की बाल विवाह होने से काफी परेशानी होती है बच्ची को क्यूंकि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को शारीरिक और मानशिक विकास नही हो पाता है , अगर उनकी शादी 18 वर्ष से कम में होती है तो समय से पहले बच्चा हो जाता है । जिससे दोनों पर ही जान का खतरा बना रहता है । उन्होंने बताया की बाल विवाह में शामिल होने वाले माता – पिता , सगी – संबंधियों , नाइ , बाजा वाला , टेंट वाला , कुम्हार , बाराती , पंडित जी सहित जो भी बालिक हैं उन तमाम लोगो को सजा का प्रावधान है जिसमे दो साल की सजा और एक साल का दंड का प्रावधान है ।

Share this Article
Follow:
मैं एक स्नातक छात्र हूं और ऑटोमोबाइल व टेक्नोलॉजी कैटेगरी में कंटेंट राइटर के रूप में काम करता हूं। मुझे नई कारों, बाइकों और आधुनिक तकनीकों के बारे में लिखना बेहद पसंद है। मेरा लक्ष्य है कि मैं अपने लेखों के माध्यम से पाठकों को सरल, रोचक और भरोसेमंद जानकारी प्रदान कर सकूं, ताकि वे ऑटो और टेक्नोलॉजी की दुनिया से हमेशा अपडेट रहें।
Leave a comment